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Talaash 2 – तलाश 2

ऐ दिलबर तू कौन है  कहाँ है, ज़रा सामने तो आ
कि मेरा दिल कहता है तू है कहीं और है बहुत हसीं, अब और ना तडपा |
तुझे ढूँढता हूँ हर मंज़र हर शख्स में, कि अब रहा नहीं जाता
शायद तुझे लुक्का-छिप्पी है पसंद, पर हमसे ये दर्द सहा नहीं जाता |

कभी सोचता हूँ तुम होगी बहुत खूबसूरत, जैसे जन्नत की परी
और कभी लगता है तुम होगी सबसे हसीं और सबसे प्यारी |
तुम जैसी भी हो जानेमन, गर मुझसे प्यार करो
तेरे लिए हर सितम उठा लूँगा, ये ऐतबार करो |

तेरे बिना ये ज़िन्दगी, कुछ अधूरी सी लगती है
कि अब तेरे बिन ज़िन्दगी ज़िन्दगी नहीं, मजबूरी सी लगती है |
पढ़े होंगे तेरी तारीफ़ में, कसीदे कई आशिकों ने
कि मेरी ये चंद पंक्तियाँ गैर ज़रूरी लगती हैं |

— पियूष |

fir wahi zindagi – फ़िर वही ज़िन्दगी

….while cleaning my flat came across few notebooks which i preserved till now, went through them and found this poem 🙂 btw donno why i wrote this 😀 bcoz nothing mentioned below actually happened..pure imagination 😀 btw i found one more which is half completed will finish it soon !

कर के वादे कई,
वो मुकर जाते हैं।
फ़िर याद आती हैं क्यूं,
उनकी वो बातें हैं?

कहती वो क्यूं थी,
चाहती मैं हूं तुम्हे।
याद आते हैं क्यूं,
बीते वो लम्हे?

चाहता मैं हूं तुम्हे,
ना रहूं बिन तेरे।
फ़िर क्यूं तोडे तूने,
प्यारे अरमान मेरे?

ना कभी भी मैनें,
तुझको गम है दिया।
तुझको चाहा मैनें,
बस तुझी को जिया।

गर वो भूले हमें,
और वो वादे किये।
जी लेंगे बिन उनके,
जैसे अब तक जिये!

जय जिनेन्द्र !
पियूष

Talaash – तलाश

कभी किसी की तलाश में,
कभी किसी की आस में ।
हर पल तडपता रहा,
इस ज़िन्दगी उदास में ।

उसे देखता तो सोचता,
वो है बनी मेरे लिये ।
चाहे यही वो, सोचकर,
जलते रहे दिल में दिये ।

दिन गुज़रे, महीने गुज़रे,
और गुज़रे चारों साल ।
पर कह ना सका उसे देखकर,
अपने दिल का हाल ।

कुछ दुख हुआ, पर फ़िर लगा,
जो हुआ, शायद सही ।
उसे भूलकर आगे बढा,
पर हसरतें फिर भी रहीं ।

अब फ़िर किसी को ढूंढता हूं,
अब फिर किसी की है तलाश ।
कोई होगा तो कहीं,
इस दिल को है अब भी आस !

अब फ़िर किसी की तलाश में,
अब फ़िर किसी की आस में ।
अब फ़िर तडपता है ये दिल,
इस ज़िन्दगी उदास में !

जय जिनेन्द्र,
पियूष !

Pyaar

प्यार क्या है ?
किसी को चाहना,
उससे हर बात share करना,
उसमें एक perfect person देखना,
उसकी हर कमी को पूरा करना,
और ना कर सकें तो नज़र-अन्दाज़ करना,
उसकी feelings को सबसे ऊपर रखना,
उसे हर परेशानी हर problem से बचाना,
उसे हमेशा अपने करीब रखना….अपने दिल के !
बस यही सब तो प्यार है ! और हां ….. ये सब कुछ उससे भी चाहना !!

.. पियूष

Pyaar kya hai ?
Kisi ko chahna,
us-se har baat share karna,
us mein ek perfect person dekhna,
uski har kami ko poori karna,
aur na kar sake to nazarandaaz karna,
us ki feelings ko sabse upar rakhna,
use har pareshaani har problem se bachana,
use hamesha apne kareeb rakhna… apne dil ke !
Bas yahi sab to pyaar hai ! aur haan…. Ye sab kuch us-se bhi chahna !!

.. Piyush

Will you be my valentine ??

May be i could never meet you,
May be i could never see you!
But i want to live with the feeling,
that such a nice person as you, is friend of mine.
& thats why i could dare to ask you,
XYZ will you be my valentine ??

I wrote this about an year back, for a very good “online” friend of mine. Wanted to keep this in my memory forever, hence posting here…

Adios,
Piyush

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Use bhoolne ka prayaas….

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उसे भूलने का प्रयास, मै नित्य ही करता रहता हूँ ।
दूर उससे होने के बाद
, मै कष्ट भले फ़िर सहता हूँ ।

मेरा ह्र्दय जब करे प्रयास, मै ऊसे केवल यह कहता हूँ।
मिलन होगा निश्चय हमारा, गर
ह्र्दय मे उसके रहता हूँ ।

आशा तट से बन्धा था पहले, पर अब बहाव मे बहता हूँ ।
अब उसका कोई विचार नही, न राह मै उसकी गहता हूँ ।

बाहर से हूँ तना हुआ, अन्दर ही अन्दर ढ्हता हूँ ।
पर उसे भूलने का पर्यास, मै नित्या ही करता रहता हूँ

In English:
Use bhoolne ka prayaas main nitya hi karta rehta hun,
door hone ke pashchaat, main dard bhale fir sehta hun.

Mera hrudaya jab kare prayaas, main use keval yah kehta hun,
Milan hoga nishchaya hamara, gar hrudaya main uske rehta hun.

Aasha taT se bandhaa tha pehle, par ab bahaav mein behta hun,
ab uska koi vichaar nahi, naa raah main uski gehta hun,

Baahar se hun tana hua, andar hi andar dhehta hun,
par use bhoolne ka prayaas main nitya hi karta rehta hun.

Adios & नमस्ते,
Piyush पियूष

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Heart Vs Brain

Does She like me ?
or is it just like that,
but then why she smiled,
when last time we met.

My heart says she does,
she does like you Oh boy!
But as i start being happy,
my brain comes to annoy.

My brain says she does,
she does it just like that.
she think of you as a good friend,
& nothing more than that.

There is a big fight going,
between my brain and my heart.
Heart says you are so kind,
but brain says U are not that smart.

I have lost the count,
of nights, i dreamt of her,
brain says with her you cant share,
night food, pizza and burger. (Since I am Jain)

Heart says you can share,
your feelings and your joy!
she is made just for you,
just for you Oh my boy !

The fight is still on,
& I have to judge the winner,
brain has been ahead till now,
hope heart comes ahead from rear!

brain has been ahead till now, hope heart comes ahead from rear!