Use bhoolne ka prayaas….

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उसे भूलने का प्रयास, मै नित्य ही करता रहता हूँ ।
दूर उससे होने के बाद
, मै कष्ट भले फ़िर सहता हूँ ।

मेरा ह्र्दय जब करे प्रयास, मै ऊसे केवल यह कहता हूँ।
मिलन होगा निश्चय हमारा, गर
ह्र्दय मे उसके रहता हूँ ।

आशा तट से बन्धा था पहले, पर अब बहाव मे बहता हूँ ।
अब उसका कोई विचार नही, न राह मै उसकी गहता हूँ ।

बाहर से हूँ तना हुआ, अन्दर ही अन्दर ढ्हता हूँ ।
पर उसे भूलने का पर्यास, मै नित्या ही करता रहता हूँ

In English:
Use bhoolne ka prayaas main nitya hi karta rehta hun,
door hone ke pashchaat, main dard bhale fir sehta hun.

Mera hrudaya jab kare prayaas, main use keval yah kehta hun,
Milan hoga nishchaya hamara, gar hrudaya main uske rehta hun.

Aasha taT se bandhaa tha pehle, par ab bahaav mein behta hun,
ab uska koi vichaar nahi, naa raah main uski gehta hun,

Baahar se hun tana hua, andar hi andar dhehta hun,
par use bhoolne ka prayaas main nitya hi karta rehta hun.

Adios & नमस्ते,
Piyush पियूष

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4 thoughts on “Use bhoolne ka prayaas….

  1. क्‍या ये दुनिया में और भी किसी के साथ होता है, अहसास
    बहुतों के साथ होता
    संयोग है
    नियम है
    कोई बता सकता है
    पर लिखा आपने

  2. हिन्दी ब्लॉगिंग मे आपका स्वागत है। आप अपना ब्लॉग नारद पर रजिस्टर करवाएं। नारद पर आपको हिन्दी चिट्ठों की पूरी जानकारी मिलेगी। किसी भी प्रकार की समस्या आने पर हम आपसे सिर्फ़ एक इमेल की दूरी पर है।

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